Thursday, 3 May 2018

💐 📝प्रस्तुत हैं आज की कुछ पंक्तियाँ📝💐

➡️%चलो जिंदगी के दरिया को कुछ ऐसे पार करते हैं।

 जीकर हर पल मौज से दर्द-ओ-सितम पर वार करते हैं।

 समझ लें जिंदगी के रिवाजों को अभी,
           जो ढलती उम्र का इंतज़ार करते हैं।

बदल दें नज़रिया कि जिंदगी एक  बोझा है,
              और राहों में खुशियां बेसुमार भरते हैं।
📝📝📝📝📝📝📝📝📝📝📝📝📝

वफाओं का दौर अब जहाँ से गुजरने लगा है।

अपना अपनों पर ही अब शक करने लगा है।

कौन जाने इस दौर का अंजाम क्या होगा,

 इस दौर में तो इंसान खुद से ही बेवफा होने लगा है।

                        #जेपी#

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